August 23, 2018

23.08.2018 (हाजीपुर) : बिहार की विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक कला ‘मधुबनी पेंटिंग‘ से श्रृंगार कर दरभंगा व नई दिल्ली के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 12565/12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आज अलग रंग-रूप में चलने लगी जिसे यात्रियों ने काफी सराहा। कोचों पर पेंटिंग के माध्यम से प्राकृतिक सौंदर्य को उतारा गया है। इसपर जंगल, ग्राम्य जीवन, परिवहन प्रणाली, ग्रामीन रसोई, बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ, दहेज प्रथा उन्मूलन, सूर्योदय, नदी में तैरती मछलियां, झरने, फलों से लदे पेड़ सहित अन्य आकृतियों से सजाया गया है। इस ट्रेन के एक कोच को मिथिला पेंटिंग से चित्रकारी करने के लिए 30 कलाकारों के साथ चार दिनों का समय लगा है। इस प्रकार कलाकारों द्वारा पिछले लगभग एक माह से कोचों पर पेंटिंग करते हुए बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन को एक अत्यंत ही आकर्षक रंग-रूप प्रदान किया गया है। इस मिशन को वास्तव में ‘‘स्वच्छता ही सेवा‘‘ से आगे बढ़ाते हुए ‘‘सेवा से सुंदरता‘‘ का नाम दिया जा सकता है।

इस ट्रेन की बोगियों पर बनाई गई ‘मिथिला पेंटिंग‘ से न केवल इस कला को प्रचार और विस्तार मिलेगा बल्कि देश की इस प्राचीन विरासत को एक बार पुनः नई पहचान मिलेगी। आज प्रथम दिन समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आर.के. जैन ने अपनी टीम के साथ दरभंगा स्टेशन से हाजीपुर तक इस ट्रेन से सफर तय किया एवं यात्रियों से बात-चीत कर उनकी प्रतिक्रिया ली। तत्पश्चात् हाजीपुर स्टेशन पहुंचने पर सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अतुल्य सिन्हा, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल शर्मा, मुख्य रोलिंग स्टाॅक इंजीनियर (कोचिंग) अतुल प्रियदर्षी सहित पूर्व मध्य रेल मुख्यालय एवं सोनपुर तथा समस्तीपुर मंडल के अन्य उच्चाधिकारीगण उपस्थित रहे। विदित हो कि इसके पहले पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल के मधुबनी स्टेशन को समृद्ध संस्कृति और एक शानदार इतिहास रखने वाली ‘‘मधुबनी चित्रकला‘‘ से सुसज्जित किया गया था, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया। समस्त भारतीय रेल में ‘स्टेशन सौंदर्यीकरण‘ की दिशा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए मधुबनी स्टेशन को रेल मंत्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। मिथिला पेंटिंग का उद्देश्य सिर्फ स्टेशनों एवं ट्रेनों को सुशोभित करना नहीं बल्कि स्थानीय कलाकारों के कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित कर इस पारंपरिक कला के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी है।