August 02, 2017

20.07.2017 (नालंदा) : बच्चे देश के भविष्य हैं। उनके पढाई के प्रति रूचि एवं उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए नालंदा पुलिस सदैव तत्पर है। नशामुक्त एवं अपराधमुक्त समाज की कल्पना हम शिक्षा के बल पर ही कर सकते हैं। पुलिस आपका मित्र है, बस शर्त ये है की आपका चरित्र आपराधिक न हो। उक्त बातें एसपी कुमार आशीष (आईपीएस) ने नालंदा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत "चलो पाठशाला" मुहिम का आगाज़ कर एक कार्यक्रम में कहा।
दीपनगर थाना क्षेत्र में स्थित मध्य विद्यालय परिसर में नालंदा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग मुहीम के तहत जरूरतमंद बच्चो को 89 स्कूल बैग, किताब, कॉपी, कॅम्पास आदि सामग्रियाँ वितरित की गयी। ये वैसे बच्चे हैं जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा रहे थे। बच्चों ने इस शिक्षा के उपहार को पाकर अपनी चेहरे पर प्राकृतिक मुस्कान व हाथ में फूलों से नालंदा पुलिस की हौसले को बुलंद किया।
एसपी कुमार आशीष ने अपने उद्बोधन में शराबबंदी एवं अन्य नशाबंदी के खिलाफ मुहिम का आगाज़ किया। उन्होंने कहा की इस गाँव में लगातार शराब बेचे एवं बनाने की शिकायत मिल रही थी। जिसका उन्मूलन करने के लिए आज इस मुहिम की शुरुआत यहाँ से की गयी है। लोगों के बीच नशामुक्त समाज बनाने की पर्ची बांटकर नालंदा पुलिस ने “नशामुक्त हो समाज अपना” का संदेश देने की कोशिश की। एसपी कुमार आशीष ने उपस्थित तमाम लोगो से अपील किया की ना ही वे खुद नशा करें, ना ही अपने घर-परिवार में किसी और को ऐसा करने दे। इस सन्देश को खुद पढ़ें, दूसरों को भी आगे पढ़ायें। समाज में नशाबंदी को एक जनांदोलन का रूप दें। सबलोग अपनी अपनी क्षमतानुसार सहयोग करें। अपने इलाके में न ही शराब बनाने दें, ना ही बिकने दें..अगर ऐसा कोई करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और उचित पुरूस्कार भी दिया जायेगा। सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहर्ष ऐसा करने का वचन दिया है।
डीएसपी निशित प्रिया ने अपने उद्बोधन में महिला सशक्तिकरण पर जोर डालते हुए कहा की बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा एवं उनके मन में विश्वास की भावना हमेशा देनी चाहिए। उन्होंने ने कहा की आप पढ़ेंगे तो समाज बढ़ेगा। इस कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात यह भी रही की एसपी व डीएसपी के साथ जमीन पर बैठकर बच्चों ने एक साथ "मिड डे मील खाया"। न अलग से कोई बर्तन न बंद बोतल वाली पानी। एक साथ भोजन करके उन्होंने बच्चों को संदेश देने की कोशिश की कि सभी एक है,न कोई छोटा, न कोई बड़ा। जात-पात, धर्म और सम्प्रदाय के बंधन से ऊपर उठकर बिहार राज्य के हित की बात सोचें।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद कई बच्चों ने मंच पर आकर एसपी व डीएसपी से ऑटोग्राफ मांगा व एक अच्छे इंसान बनने की कसम खायी। उनके भाव को देखकर दोनों अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी। बच्चों में अपने बीच एसपी और डीएसपी के साथ सेल्फी लेने का भी क्रेज दिखा। एसपी आशीष ने बताया की इस कार्यक्रम को पूरे जिले में लागू किया जायेगा और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत समाज के हर वर्ग को पुलिस से जोड़ा जायेगा. इस तरह अपराध नियंत्रण में काफी सहायता मिलेगी और आम लोगों की शिकायतें भी दूर होंगी।
उक्त कार्यक्रम में गिरियक अंचल निरीक्षक सुनील सिंह, दीपनगर एसएचओ राहुल, प्रधानाध्यापक मुनव्वर आलम, प्रभारी शिक्षक वेद प्रकाश, राहुल सिंह, सतेंद्र सिंह, शिक्षाविद विकास, अजहर, अमितेश, अमजद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।