March 14, 2018

14.03.2018 (दरभंगा) : दिनांक 13 मार्च 2018 को समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सभागार में बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग पटना के अध्यक्ष सुश्री डॉक्टर हरपाल कौर की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाल अधिकार संरक्षण आयोग पटना के सदस्य श्रीमती प्रेमा साह एवं सदस्य विजय कुमार रोशन ने भी भाग लिया। सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी दरभंगा डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर अध्यक्ष सुश्री डॉ हरपाल कौर का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में जिला पदाधिकारी ने अध्यक्ष एवं आयोग के सदस्य गणों का स्वागत करते हुए विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत करने हेतु दीप प्रज्वलित करने का आग्रह किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात अध्यक्ष ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दरभंगा जिला के बच्चों से संबंधित गृहों का उन्होंने निरीक्षण किया है। निरीक्षण के क्रम में कुछ एक सामान्य बातों को छोड़कर शेष व्यवस्था को उन्होंने संतोषजनक पाया। सामान्य त्रुटियों के निराकरण कर लिए जाने का उनको आश्वासन दिया गया। प्रमंडल के तीनों जिला के उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन आयोग को भेजने का भी निर्देश दिया गया। छोटे-छोटे बच्चों को नैतिक शिक्षा देने की बात उन्होंने की। सुधार गृह में साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी उन्होंने दिया। प्रमंडल के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी का नेम प्लेट अथवा दीवार लेखन करवाने का निर्देश दिया गया। निजी विद्यालयों में BPL परिवार के बच्चों का नामांकन 25% किए जाने का विस्तृत प्रतिवेदन तीनों जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांगा गया। सभी विद्यालयों में एवं स्कूली बसों में सरकारी मापदंड के अनुसार विद्यार्थियों का आवश्यक सुविधा निश्चित रूप से उपलब्ध करवाने का भी सख्त निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषक आहार एवं विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं मीनू के अनुसार देने का भी आदेश दिया गया। श्रम अधीक्षक को बाल मजदूरी के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को समय-समय पर स्वयं बाल सुधार गृहो का मानवता के आधार पर भ्रमण करने का निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों को स्तरीय चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अंत में माननीय अध्यक्ष के द्वारा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरोध हेतु जनता को सतत जागरूक रखने हेतु आवश्यक कार्यक्रम लगातार चलाए जाते रहने का अनुरोध किया। जिला पदाधिकारी ने बैठक के अंत में माननीय अध्यक्ष को उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। निजी विद्यालयों में नामांकित BPL परिवार के बच्चों के नामों की सूची जिला के वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करवाने की बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि हाल में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु बनाए गए मानव श्रृंखला का सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ा है। अब कहीं भी बाल विवाह होने पर इसकी सूचना विभिन्न माध्यमों से प्रशासन तक पहुंच रही है। सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाल विवाह को किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। उक्त बैठक में तीनों जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी ICDS के पदाधिकारी श्रम विभाग के पदाधिकारी सिविल सर्जन जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।