September 26, 2017

13.09.2017 (पटना) : अमूमन इंसान के जीवन में एक समय ऐसा आता जब उसे भरे-पूरे परिवार के बीच रहना ज्यादा अच्छा लगता है , और वो समय इंसान बुढ़ापे की अवस्था में महसूस करता है। आज के भाग दौर की जिंदगी में इंसान अपने बुढ़ापे के अवस्था में काफी अकेला महसूस करता है।
पटना डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने बुजुर्गों के कल्याण हेतु समाहरणालय सभाकक्ष में The Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizen Act, 2007 के तहत दायर मामलों में की जा रही कार्रवाईयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सम्बंधित पदाधिकारियों को कई निर्देश देते हुए कहा की दायर मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन करें। डीएम संजय कुमार अग्रवाल द्वारा दिए गए निर्देश :-
(a) मेनटेन्स के मामलों को 30 दिनों के अंदर तथा अन्य जटिल मामलों को 45 दिनों के अन्दर निष्पादित करना करें सुनिश्चित।
(b) प्रावधान के अनुसार अधिकतम 10 हजार रूपये प्रतिमाह तक का मेन्टेनेंश होगा देय।
(c) सभी अनुमंडल पदाधिकारी को निदेश दिया कि दायर मामलों का शीघ्र करें निष्पादन।
(d) सभी सिनियर सिटिजनों एवं बुजुर्गों की कल्याण के लिए कार्य कर रही विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं के साथ डीएम करेगें तिमाही बैठक ।
(e) जो लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता की देख-भाल नहीं करते हैं, उनके विरूद्ध The Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizen Act, 2007 के प्रावधानों के तहत की जायेगी कार्रवाई।
बैठक में डीएम कई पीड़ित बुजुर्गों से हुए रूबरू हुए, जो की कई जगह से अपने समस्याओं को लेकर आये थे।
डीएम ने कहा की कई बार बुजुर्ग को पैसा रहते हुए भी अकेलापन रहता है। कई मामलों में बुजुर्गों के पास भरण-पोषण के लिए पैसे नहीं रहते हैं, तथा कई मामले ऐसे भी प्रकाश में आये हैं जिसमें बच्चों के द्वारा अपने माता-पिता एवं बुजुर्गो को अपने से अलग कर दिया जाता है, जिसकी वजह से वे एकाकी जीवन व्यतित करने को मजबूर हो जाते हैं।
डीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा मोहल्ला स्तर पर वरीय नागरिकों के लिए समूह बनायें एवं समूह का निबंधन एवं अन्य मामलों में प्रशासन सहयोग देगा। उन्होंने कहा की बुजुर्गों को साथ मिलकर हंसने बोलने का अधिकार है, तथा अपने तरीके से जीवन जिने का भी पूर्ण अधिकार है। वरिष्ठ नागरिकों का समूह बनने से इन लोगों को सामाजिक सहयोग मिल सकेगा जिससे की इनके जीवन में खुशियां आएँगी। डीएम ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील कर कहा की आपस में समूह बना लें और एक दूसरे का सहारा बनें।