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01.11.2021 (दरभंगा) : श्रीमती शोभा अहोटकर, डीजी होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज, के द्वारा पारित आदेश में दीपावली एवं छठ पूजा के अवसर पर अग्नि से सुरक्षा हेतु क्या करें क्या न करें के संबंध में निर्देश पारित किया गया है। जिसमें पटाखा विक्रेताओं सहित पटाखा छोड़ने वाले बच्चों को विस्तृत ढंग से अग्नि सुरक्षा एवं बचाव हेतु निर्देश दिया गया है। इस संबंध में जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी, दरभंगा मनोज कुमार द्वारा बताया गया कि डी.जी सर् के निर्देश के आलोक में दीपावली एवं छठ पूजा के अवसर पर अग्नि सुरक्षा एवं बचाव हेतु सभी अग्निशामालय पदाधिकारी को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है। तथा अपने-अपने क्षेत्र में पटाखों के दुकानों तथा दीपावली एवं छठ पूजा के अवसर पर बनाए जाने वाले पंडालों के अस्थाई ढांचा को बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली 2021 के अंतर्गत दिए गए निर्देश के अनुसार जांच कर मानक के अनुरूप बनाने का निर्देश पारित किया गया है। इस अवसर पर अग्निशामालय पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा बताया गया कि अग्निशमन पदाधिकारी टीम बनाकर पंडालों एवं पटाखों की दुकानों का अंकेक्षण कर रहे हैं। दीपावली एवं छठ पूजा के अवसर पर अग्नि सुरक्षा हेतु उपाय क्या करें क्या ना करें। पटाखा विक्रेता भंडारण के स्थान पर कम से कम दो वाटर सीओटू (09 लीटर क्षमता का) तथा दो डीसीपी (06 किलोग्राम क्षमता) पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र एवं 02 ड्राम पानी अवश्य रखें जिसके संचालन की जानकारी उन्हें तथा उनके कर्मी को भी हो। बच्चों द्वारा पटाखा चलाने के समय घर का कोई वयस्क सदस्य वहां अवश्य उपस्थित रहें और अपने निगरानी में पटाखा फोड़वायें। बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को तंग गली या घरों के अंदर में पटाखा ना छोड़ने दें बल्कि खुले स्थान में उसे छोड़ें। आतिशबाजी का प्रयोग करने से पूर्व उस पर लिखे अग्नि सुरक्षा संबंधी सावधानियों को ध्यान पूर्वक अवश्य पढ़ें एवं पालन करें।

आतिशबाजी करते समय आस-पास में एक बाल्टी पानी अवश्य रखें। घी एवं तेल के दीपक कभी कपड़े अथवा ज्वलनशील पदार्थ के नजदीक न जलाएं हमेशा ऐसे दीपक को अपने देख-रेख में रखें। अग्नि सुरक्षा पर तकनीकी सलाह लेने हेतु अपने नजदीकी अग्निशामालय पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। बिहार अग्निशमन सेवा सभी जिलों तथा अनुमंडल में कार्यरत है। किसी भी प्रकार की अग्नि घटना होने पर अग्निशमन सेवा का आपत्कालीन दूरभाष संख्या-101 या पुलिस कंट्रोल रूम का आपातकालीन नंबर-100 या स्थानीय अग्निशामालय का नंबर जिला नियंत्रण कक्ष या अनुमंडल कार्यालय का कंट्रोल रूम स्थानीय पुलिस थाना को दूरभाष से सूचित करना चाहिए ताकि स्थानीय अग्निशामालय पदाधिकारी आपकी मदद त्वरित गति से कर सकें। घर में अधिक मात्रा में पटाखा का भंडारण न करें। घर के अंदर कभी भी पटाखा न चलाएं। दुकानों में पूजा पाठ के पश्चात जलती हुई दीपक, अगरबत्ती अथवा मोमबत्ती जलते हुए छोड़कर कभी न जाएं। पतले बिजली के तारों पर ज्यादा वोल्टेज के बल्ब नहीं जलाएं अथवा उसे ओवरलोड नहीं करें, दो बिजली के तारों को जोड़ते समय उस पर टेप अवश्य लगाएं बिजली के सॉकेट में सीधे तार न घुसाये, इसमें हमेशा प्लग का व्यवहार करें।

ढीले या सिंथेटिक कपड़े पहनकर खुली लौ वाले दिए, मोमबत्ती या पटाखा के पास ना जाएं, आतिशबाजी के समय शरीर के कपड़ों में आग लग जाए तो ऊनी कंबल या बोरी से लपेट कर एवं जमीन पर लेट कर आग बुझाने का प्रयास करें। आसमान तारा कभी कभी दूसरे के घरों में प्रवेश कर आगजनी का कारण बनती है अतः यथासंभव इससे परहेज करें।