October 12, 2018

13.10.2018 (दरभंगा) : आपको बता दें की "एक मुलाक़ात" शीर्षक की शुरुआत हमने दरभंगा के पूर्व एसएसपी आईपीएस मनोज कुमार से की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज पढ़ते हैं एसएसपी गरिमा मल्लिक के बारे में। आईपीएस गरिमा मल्लिक के लिए मिथिलांचल की हृदयस्थली दरभंगा की पृस्ठभूमि नई नहीं है। पहले भी उन्होंने यहाँ एसएसपी के रूप में अपना योगदान दिया है। वक़्त बदला, चुनौतियाँ बढ़ी, और भी बहुत कुछ।
DarbhangaOnline.com से बात करते हुए एसएसपी गरिमा मल्लिक ने बताया की वो फरीदाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा की उनके पुलिस ऑफिसर बनने तक के सफर में उनके parents का काफी योगदान रहा है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स तथा मास्टर डिग्री भी इंग्लिश में ही किया है। 2006 बैच की आईपीएस श्रीमती मल्लिक ने बताया की उनका प्रोबेशन मधुबनी जिला में हुआ तथा पहली पोस्टिंग दानापुर में हुई। उन्हें दानापुर के बाद अररिया, एसएसपी दरभंगा, कमांडेंट बीएमपी-2, रूलर एसपी पटना, एसएसपी गया, कमांडेंट बीएमपी-10, एसपी विजिलेंस में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एसएसपी गरिमा मल्लिक ने दरभंगा में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया की पुलिस की हमेशा बेसिक प्राथमिकताएं होती हैं, अपराध पर नियंत्रण, अपराध की रोकथाम और अपराध का उद्भेदन। इसके अलावा उन्होंने बताया की विधि व्यवस्था का संधारण, शान्ति व्यवस्था कायम रखना एवं इस तरह का माहौल क्रिएट करना की जिससे समाज के हर वर्ग के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने कहा की पर्व-त्यौहार को देखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखना तथा असामाजिक तत्व पर विधि सम्मत कार्रवाई उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है।
बिहार में जिस तरह से अपराध में बढ़ोत्तरी हुई है इसके मद्देनजर हमने श्रीमती मल्लिक से ये जानने की कोशिश की, कि दरभंगा के लिए पुलिसिंग में कुछ इनोवेटिव, कुछ क्रिएटिव होगा ? एसएसपी ने बताया की कोई भी Institutions static नहीं रहता है। जिले के इश्यूज को देखते हुए अगर कुछ नया करने की आवश्यकता महसूस होगी तो कम्युनिटी के सहयोग से जरूर करेंगे। सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए जब हमने एसएसपी से पूछा तो उन्होंने कहा की कोई भी नई चीज आती है तो फायदा और नुक्सान दोनों होता है। अगर कोई भी इसका गलत इस्तेमाल कर अफवाहें फैलाना, अनवेरिफाइड न्यूज़, गलत मैसेज आदि पोस्ट करने का काम करता है तो उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की सोशल मीडिया के कुछ सकारात्मक पहलु भी हैं।
हमने एसएसपी गरिमा मल्लिक से ये जानने की कोशिश की, कि पूर्व एसएसपी मनोज कुमार के द्वारा दरभंगा में कुछ क्रिएटिव पुलिसिंग हुआ था, जैसे- क्यूआरटी, शेरनी दल, सोशल मीडिया यूनिट, साइबर सेनानी, व्हाट्सप्प हेल्पलाइन नंबर, जन संवाद आदि। क्या ये सभी अपडेट रहेंगे ? एसएसपी ने बताया की कोई भी Institutions हमेशा cumulative के साथ ही आगे चलता है। जो भी पहले कार्य हुए हैं उसको continue रखने का पूरा प्रयास करेंगी तथा आनेवाले situations में कुछ और भी बेहतर करना होगा तो उसे भी किया जाएगा।
एक तरह से देखा जाए तो जहाँ पुलिस पब्लिक की सुरक्षा व्यवस्था के लिए होती है वहीँ आम पब्लिक पुलिस से कोई कम्प्लेन करने में या थाने जाने में परहेज करते हैं। जब हमने एसएसपी से पूछा की कितने कम्फर्ट फील करेंगे आम पब्लिक आपके कार्यकाल में अपनी समस्याओं को लेकर पुलिस से कम्प्लेन करने में ? एसएसपी गरिमा मल्लिक ने कहा की जहाँ भी उन्होंने काम किया है वहां ये कोशिश जरूर की है की पुलिस टीम का approachable, interaction पब्लिक के साथ हमेशा बना रहे। एसएसपी का मानना है की जितना ही पब्लिक के साथ पुलिस approachable रहेगी उतना ही पुलिस के लिए पब्लिक की problems को solve करना आसान होगा।