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14.06.2022 (दरभंगा) : दरभंगा के होटल गार्सिया में एफ.एम.आई.सी. एवं विश्व बैंक द्वारा आयोजित Embankment Assets Management System For River Basins in Bihar कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर मंत्री, जल संसाधन व सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, संजय कुमार झा के द्वारा उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर सचिव, जल संसाधन विभाग संजय कुमार अग्रवाल, अभियंता प्रमुख (बाढ़), मुख्य अभियंता (योजना एवं निगरानी बाढ़), मुख्य अभियंता (बाढ़ नियंत्रण), अधीक्षण अभियंता के साथ सभी संबंधित अभियंतागण एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभियंतागण उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाढ़ विश्व की प्रकृति है। बिहार में गंडक, बागमती, कोशी, कमला नदी का पानी नेपाल से आता है, नेपाल से वार्ता भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। बिहार सरकार द्वारा अपनी बात भारत सरकार तक पहुँचायी जाती रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान कटाव निरोधक कार्य एवं आपदा प्रबंधन कार्य में बहुत बड़ी राशि व्यय होती है। यदि इस पर नियंत्रण प्राप्त हो जाए, तो बिहार का तेजी से विकास होगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में नई तकनीकी का समावेश इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। बाढ़ नियंत्रण के लिए ड्रोन का बेतहर उपयोग किया जा सकता है। हमारा उद्देश्य है सभी नदियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाना, यदि बिहार वाटर मैनेजमेन्ट कर लिया तो इसकी सुरत अलग होगी। इसके लिए संकलित डाटा का प्रेषण करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो नये अभियंता विभाग में आए हैं, उन्हें अन्य देशों में वाटर मैनेजमेन्ट को देखने हेतु भेजा जाए, ताकि नई तकनीक का प्रवेश वाटर मैनेजमेन्ट सिस्टम में किया जा सके। इस अवसर पर सचिव, जल संसाधन विभाग ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में नई तकनीक का किस प्रकार प्रयोग कर इसे बेहतर बनाया जा सके, इसी उद्देश्य को लेकर यह कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मंत्री जी की सोच है कि बाढ़ प्रबंधन कार्य में नई तकनीक का प्रयोग करने पर कार्य प्रभाव में वृद्धि होगी।