March 15, 2018

14.03.2018 (दरभंगा) : बिहार सरकार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, उर्दू निदेशालय, बिहार, पटना के तत्वाधान में जिला उर्दू भाषा कोषांग, राज भाषा, दरभंगा के द्वारा जिला फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का आयोजन 11:00 बजे पूर्वाह्न से दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, दरभंगा डॉo चंद्रशेखर सिंह के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता डॉo अब्दुल मन्नान तर्जी कर रहे थे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पदाधिकारी थे। सेमिनार का विषय था - ‘‘ अवामी सतह पर उर्दू जबान के फरोग में दरपेष मसाएल और उनका हल ’’, ‘‘ सरकारी सतह पर उर्दू जबान के अमली नफाज में दरपेष मसाएल और उनका हल ’’ एवं ‘‘ स्कूल सतह पर उर्दू की तदरीस के मसाएल और उनका हल ’’। स्वागत भाषण मो0 वसीम अहमद, प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग, दरभंगा के द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि उर्दू भाषा दिल की भाषा व तहजीब की भाषा है, जो सीधे दिल तक पहुँचती है। उन्होनें स्वयं आई0ए0एस0 एकेडमी में प्रषिक्षण के दौरान अतिरिक्त भाषा के रूप में उर्दू भाषा के चयन किये जाने की जानकारी दी। उन्होनें कहा कि आज इस सेमिनार के जरिए सभी एकत्रित लोग इस बात पर विचार कर मंथन करें कि उर्दू का अधिकाधिक कैसे विकास हो। सांस्कृतिक जरूरत के हिसाब से भाषा के बदलने की बात उन्होनें की। उन्होनें उर्दू को अधिक से अधिक व्यवहारिक भाषा बनाए जाने की दिशा में सोच को विकसित करने की भी बात बतायी। सेमिनार में उर्दू विद्वान के रूप में डॉo मुश्ताक़ अहमद, प्राचार्य, एम0एल0एस0एम0 कॉलेज, दरभंगा, डॉo जमाल अहमद ओवैसी, एम0आर0एम0 कॉलेज, दरभंगा, डॉo क्याम नैयय्र, नागेन्द्र झा कॉलेज, दरभंगा एवं डॉo मंजर सुलैमान, डॉo जाकीर हुसैन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, दरभंगा उपस्थित थे।