March 14, 2020

13.03.2020 (दरभंगा) : पोषण पखवारा 8 से 22 मार्च के अवसर पर दरभंगा जिले के सेविका / सहायिका, ब्लॉक् कोऑर्डिनेटर, सीडीपीओ, लेडी सुपरवाइजर आदि के द्वारा पोषण जागरूकता के लिये आज संध्या में कलेक्ट्रेट से कैंडल मार्च निकाला गया जो लोहिया टॉवर चौक, नेहरू स्टेडियम होते हुए कलक्ट्रेट वापस आया। डीडीसी डॉ कारी प्रसाद महतो एवं डीपीओ अलका आम्रपाली द्वारा इस पोषण जागरुकता मार्च को हरी झंडी दिखाया गया। इस जागरूकता रैली में पोषण पखवारे के दौरान पोषक के 5 सूत्र --एनीमिया की रोकथाम, डायरिया नियंत्रण, स्वच्छ्ता को अपनाना, पौस्टिक आहार का सेवन और जीवन के प्रथम 1000 दिन में उचित देखभाल करने का सन्देश दिया गया।
March 08, 2020
होली त्यौहार को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निदेश
08.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने होली पर्व विधि-व्यवस्था संधारण में प्रतिनियुक्त सभी दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस के जवानों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 09 मार्च के रात्रि में विभिन्न जगहों पर होलिका दहन/संवत जलाने के कार्यक्रम आयोजित होंगे। संवत जलाने के लिए लकड़ी आदि संग्रह करने का कार्य अमूमन दोपहर से ही शुरू हो जायेगा। इसलिए सभी दण्डाधिकारी पुलिस फोर्स के साथ सबुह से ही अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में भ्रमण करते रहेंगे एवं संवत जलाने का कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त होने के बाद यह इत्मीनान कर लेंगे कि संवत का आग पूरी तरह से बूझ गया है।
उन्होंने ये बातें समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित होली पर्व पर विधि-व्यवस्था में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि अगले दिन 10 मार्च को सुबह से रात्रि तक लोगों द्वारा एक दूसरे को रंग- अबीर-गुलाल लगाकर होली खेलने का कार्यक्रम होंगे। साथ ही 11 मार्च को भी कहीं-कहीं होली खेले जाने की सूचना है। इसलिए दिनांक 09 मार्च से 11 मार्च तक सभी अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी कर्तव्य स्थल पर मौजूद रहकर अपने-अपने दायित्वों का तत्परतापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि होली के अवसर पर कुछ लोग चोरी- छिपे दारू/ताड़ी/शराब आदि का नशा करके हुड़दंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों पर विशेष चौकसी रखी जाये। दारू/ताड़ी आदि में नशीली दवाएँ मिलाकर भी बेची जाने की संभावना है जो की घातक हो सकती है।
सभी अधिकारी इन सभी चीजों पर बारीकी से नजर रखेगें। उन्होंने कहा कि सभी थानों की गाड़ियों में लाउडस्पीकर लगा रहेगा। उन्हें वीडियोग्राफर भी उपलब्ध रहेगा। सी.सी.टी.वी. कैमरा भी जगह-जगह लगाये गये है। इसलिए सी.सी.टी.वी. एवं वीडियोग्राफर को 24 घंटे कार्यरत रखें। साथ ही अग्निशमन पदाधिकारी अग्निशमन गाड़ी के साथ मुस्तैद रहें। पूर्व की घटनाओं को संज्ञान में लेकर उक्त स्थलों सहित अन्य क्षेत्रों में भी विशेष ध्यान दिया जाये। जिला स्तर पर, अनुमण्डल स्तर एवं थाना स्तपर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सभी नियंत्रण कक्षों में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/कर्मी पूरे समय कार्यशील रहकर पल-पल की सूचनाएं संकलित करते रहेंगे।
डीएम श्री त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, एन.आर.सी., एन.पी.आर. आदि को लेकर एक विशेष वर्ग/समूह द्वारा विगत कई दिनों से धरना/प्रदर्शन किया जा रहा है। इसलिए धरना/प्रदर्शन करने वाले लोगों, इसके नेताओं आदि के साथ वार्ता कर सभी से शांति कायम रखने की अपील की जाये। होली ड्यूटी में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ वरीय पदाधिकारी भी लगातार भ्रमण कर पूरी स्थिति पर नजर रखें।
बैठक में उपस्थित नगर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने कहा दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी एक साथ भ्रमण करें। आसूचना तंत्र को सक्रिय करें। किसी भी घटना की सूचना पर तुरंत रिस्पॉड करें। साथ-साथ वरीय अधिकारियों को भी तुरंत सूचित कर दें। कहा कि जिला स्तरीय शांति समिति की बैठकों में माननीय सदस्यों द्वारा आश्वस्त किया गया है कि वे लोग पूरे तत्पर रहेंगे। अधिकारीगण भी शांति समिति के सदस्यों से समन्वय स्थापित कर लें। जहाँ बैठके नहीं हुई है, वहाँ तुरंत बैठके कर ली जाये। उन्होंने कहा कि राज्य मुख्यालय द्वारा इस होली के अवसर पर विशेष चौकस रहने की हिदायत दी गई है। इसलिए सभी अधिकारी एवं जवान अगले 03 दिनों तक अपने-अपने दायित्वों का शत्-प्रतिशत् निर्वह्न सुनिश्चित करें।
इस बैठक में अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत) आर.आर. प्रभाकर, सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी सदर अनोज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुधीर कुमार, लाइन डी.एस.पी., जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी सुशील कुमार शर्मा, विशेष कार्य पदाधिकारी पुष्पेश कुमार, सभी संबंधित थाना प्रभारी आदि उपस्थित थे।
March 08, 2020

06.03.2020 (दरभंगा) : डिजिटल क्रांति ने विश्व के औद्योगिक क्रांति से भी अधिक प्रभावित किया है l शिक्षा जगत भी हमसे अछूता नहीं है l आज शिक्षा प्राप्ति के लिए कक्षाओं में जाने की भी जरूरत नहीं रही l आप अपने मोबाइल की सहायता से मूंक(मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) के माध्यम कोर्स कर सकते हैं l भारत सरकार ने 'स्वयं' नामक ई एजुकेशन प्लेटफार्म की शुरुआत की है l न केवल छात्र बल्कि शिक्षक समुदाय भी अपने ज्ञान को अपडेट कर सकते हैं l यह बातें विश्वविद्यालय एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग के तत्वधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय छात्र कल्याण के अध्यक्ष प्रोफेसर रतन कुमार चौधरी ने कही l उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन में विचार विमर्श के निष्कर्ष बड़े ही लाभकारी होते हैं l विभाग से अपेक्षा है कि भविष्य में भी सम्मेलन/सेमिनार का आयोजन करते रहें l
वाणिज्य विभागाध्यक्ष एवं सम्मेलन के संयोजक सचिव प्रोफेसर एच के सिंह एवं उनकी पूरी टीम बधाई के पात्र हैं l कार्यक्रम की शुरुआत सम्मेलन के संयुक्त सचिव डॉ. दिवाकर झा के स्वागत भाषण से हुई l 4 तकनीकी सत्र समेत उद्घाटन सत्र के प्रतिवेदको ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। फिर, विशिष्ट अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय झारखंड के वाणिज्य संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर बी एन ओझा ने अपने उद्बोधन में वाणिज्य एवं प्रबंधन शिक्षा में आईसीटी के प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया।
समारोह के दूसरे विशिष्ट अतिथि पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य के प्रोफेसर एवं छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रोफेसर एन के झा ने इस तरह के कार्यक्रम में छात्रों की बड़ी संख्या में सहभागिता पर प्रसन्नता जाहिर की।उन्होंने छात्रों एवं शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकारिक उपयोग करने की सलाह दी। विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एल पी सिंह ने समापन उद्बोधन में विभाग की विरासत की चर्चा करते हुए भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों की निरंतरता की कामना की। अध्यक्षीय संबोधन में वाणिज्य संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर डीपी गुप्ता ने डिजिटल अर्थव्यवस्था में व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े सरोकारों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एच के सिंह, शिक्षाशास्त्र की प्राध्यापिका डॉक्टर मनीषा दिवेदी एवं एस एस राजू द्वारा संपादित पुस्तक 'इफेक्ट ऑफ कल्चरल डायवर्सिटी ओन बिजनेस' का विमोचन भी किया गया l समापन सत्र का अंत प्रोफेसर एच के सिंह के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
मंच संचालन का दायित्व विभागीय शिक्षक डॉ आशीष कुमार ने निभाया। समापन सत्र के पहले 2 तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ। इन सत्रों में 140 से अधिक पत्रों का वाचन हुआ।
March 08, 2020

06.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सहायक दवा नियंत्रक को जिला में नशे के टेवलेट बेचने वाले दवा दुकानदारों पर कार्रवाई करने का निदेश दिया है। होली त्यौहार के अवसर पर दवा दुकानारों द्वारा बिना डॉक्टर के प्रिस्किप्शन पर धड़ल्ले से नशे की दवा बेची जाने की सूचना प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा की जिला शांति समिति की बैठक एवं शराबबंदी कानून विषयक कार्यशाला में कई जनप्रतिनिधियों द्वारा नशे की दवा की खुलेआम बिक्री होने पर चिंता जताई गई है। नई पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। इसे रोकना होगा।
उन्होंने दवा निरीक्षकों, सहायक दवा नियंत्रक को दरभंगा जिला में अवस्थित सभी दवा दुकानों के स्टॉक की जाँच करने, औचक छापामारी करने एवं बिना डॉक्टर के पुर्जा पर प्रतिबंधित दवाओं के बिक्री पाये जाने पर दुकान को सील कर दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कॉरेक्स सिरफ को सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है, लेकिन इस दवा के भी बिक्री होने की बाते सामने आई है। ड्रग इंस्पेक्टरों को ठोस कार्रवाई करके प्रतिवेदन देने का सख्त निदेश दिया गया है। इस बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक दवा नियंत्रक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
March 08, 2020

06.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस एम ने कहा है कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है। टेक्नोलॉजी में नित्य नए अनुसंधान हो रहे हैं। इसमें सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी ने समूचे दुनिया में पैठ बना लिया है। देश की सरकारें भी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी को अपना रहीं है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के बढ़ते चलन को देखते हुए हम ई गवर्नेंस पद्धति को अपनाने जा रहे है। आने वाला समय ई-गवर्नेंस का ही होगा। इसलिए हमें ई-गवर्नेंस की कार्य प्रणाली को अच्छे से सिखने की जरूरत है। ई-गवर्नेंस प्रणाली में नवोन्मेषी प्रयोग की पूरी गुंजाइस रहती है। सरकारी कार्यालयों में भी तेज़ी से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सरकार की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोंगो को ऑनलाइन पद्धति से प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित ई-गवर्नेंस एवं सूचनाओं की संरक्षा हेतु जागरूकता कार्यशाला में उक्त बातें कहीं। डीएम ने एन.आई.सी. से कहा कि जिला के एक दो कार्यालयों में पूरी ई-गवर्नेंस प्रणाली विकसित करे। ई-गवर्नेंस प्रणाली से सरकारी कार्यालयों में कार्य करने में सहूलियतें होगी एवं कार्यों का निष्पादन तेज़ी से होगा। इससे वित्तीय अनियमितता पर भी रोक लगेगी। गौरतलब है की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रावैधिकी संस्थान, भारत सरकार द्वारा आज दिनांक 6 मार्च को समाहरणालय सभाकक्ष में ई-गवर्नेंस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में मुख्य रूप से ई-प्रणाली सेवाओं से सभी पदाधिकारियों को अवगत कराने एवं सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल करने में सुरक्षा मानकों को अपनाने तथा धोखाधड़ी से बचाव के लिए जानकरी दी गयी। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से एन.आई.ई.एल.आई.टी, पटना के आईटी प्रबंधक यशवंत झा, प्रोजेक्ट प्रबंधक विशाल कुमार एवं सिनियर फैकल्टी अतुल कुमार द्वारा ई-गवर्नेस और सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता के बारे में उपस्थित पदाधिकारियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से वित्तीय निकासी में धोखाधड़ी आदि को रोका जा सकता है। साथ ही सुरक्षित ढंग से डिजिटल हस्ताक्षर के द्वारा कैसे फाइलों के निपटारे में आसानी हो रही है। ई-गवर्नेस के तहत नोट सीट बनाने, डाटा व फाइलों को सालों-साल तक सुरक्षित रखने, ई-रक्तकोष पोर्टल के द्वारा अधिकोष में रक्त की उपलब्धता की क्या स्थिति है, उसकी जानकारी उपलब्ध हो पायेगी।
बताया गया कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऍप के माध्यम से सेवानवृत कर्मियों को लाइफ सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। इसके साथ ही ई-राही एप्प, डिजी लॉकर, पीएमजी दिशा, डिजिटल पेमेंट्स, ई-हॉस्पीटल, फोन आधारित आरटीआई, ऑनलाईन शिकायत, ऑनलाईन बिजली बिल भुगतान, गवर्नमेंट टेंडर, गुड गवर्नेस, ई-डिस्ट्रिक्ट, वेवसाईट डायरेक्ट्री, जेम पोर्टल आदि से सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी।
आई.टी.प्रबंधक द्वारा सुरक्षित ई-मेल के इस्तेमाल, फेक मैसेज से होने वाले नुकसान तथा सोशल मिडिया पर लुभावने ऑफर आदि से परहेज करने एवं क्रेडिट और डेविट कार्ड के माध्यम से वित्तीय लेनदेन में होनेवाले धोखाधड़ी से बचने के उपाय के बारे में भी जानकारी दी गयी। इस कार्यशाला का संचालन डीआईओ राजीव झा द्वारा किया गया. इस कार्यशाला को डीडीसी डॉ कारी महतो द्वारा भी सम्बोधित किया गया। इस अवसर पर डीपीजीआरओ आर आर प्रभाकर, डीपीआरओ सुशील कुमार शर्मा, डीसीएलआर पुष्पेश कुमार, योजना पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद, डीएसओ अजय गुप्ता, डीपीओ अलका आम्रपाली, एडीएसएस रवि तिवारी, एपीओ सुजाता कुमारी, सभी सीडीपीओ, सभी आईटी असिस्टेंट ने भाग लिये।