December 27, 2020

23.12.2020 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार हरदीप सिंह पुरी को दरभंगा एयरपोर्ट में मूलभूत सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक कार्यों को लेकर अर्ध सरकारी पत्र लिखा गया है जिसमें उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री से दरभंगा एयरपोर्ट की सुविधाओं में विस्तार करने हेतु कहा है कि दरभंगा एयरपोर्ट चालू होने के पश्चात कम समय में ही इस एयरपोर्ट का काफी लोग प्रयोग करने लगे हैं और भविष्य में इस एयरपोर्ट के विकास की काफी संभावनाएं हैं।
यदि यहाँ आधारभूत संरचनाओं का और विकास हो एवं यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तो शीघ्र ही यह एयरपोर्ट बड़ी संख्या में लोगों को संपर्कता प्रदान कर सकता है। उन्होंने दरभंगा एयरपोर्ट के विकास से जुड़े ऐसी ही कुछ बिंदुओं की और ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि दरभंगा एयरपोर्ट का नाम कवि कोकिल "विद्यापति" के नाम पर रखने का प्रस्ताव लंबित है। दरभंगा में 24 दिसंबर 2018 को एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण "विद्यापति एयरपोर्ट" करने का प्रस्ताव दिया था और कार्यक्रम में उपस्थित तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने इस पर अपनी सहमति दे दी थी। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को अवगत कराते हुए कहा है कि "विद्यापति" केवल कवि मात्र नहीं थे बल्कि वे बिहार और मिथिला के लोगों के दिलों में बसते हैं।
मिथिलावासियों के साथ-साथ मेरी भी भावना है कि दरभंगा एयरपोर्ट को 'विद्यापति एयरपोर्ट' के नाम से अधिसूचित किया जाये*। उन्होंने आगे कहा है कि हवाई यात्रियों की बढ़ती मांग के मद्देनजर दरभंगा से उड़ानों की संख्या बढ़ाने और अन्य विमानन कंपनियों की सेवाओं को दरभंगा एयरपोर्ट से जोड़ने की जरूरत है। दरभंगा का देश के कुछ और प्रमुख शहरों से संपर्कता स्थापित करने के लिए सीधी विमान सेवा उपलब्ध कराना आवश्यक है। यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर यहाँ स्थायी टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए एयरफोर्स की चिन्हित भूमि को दरभंगा एयरपोर्ट को अविलंब हस्तांतरित करने हेतु केंद्र सरकार के स्तर से यथोचित कार्रवाई अपेक्षित है। इस क्रम में, राज्य सरकार द्वारा एयरफोर्स के लिए जरूरी 31 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की धनराशि आबंटित भी कर दी गई है।
उन्होंने कहा है कि दरभंगा एयरपोर्ट को एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (कार्यों सहित) के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ यहाँ रात्रि में भी विमानों के आवागमन की सुविधा (नाइट लैंडिंग फैसिलिटी) उपलब्ध कराने और जाड़े के मौसम में धुंध की वजह से कम दृश्यता की समस्या के निदान के लिए आवश्यक उपकरण अधिष्ठापित करने की जरूरत है। दरभंगा एयरपोर्ट की चहारदीवारी की ऊंचाई काफी कम है और परिसर के बाहर से भी हवाई जहाज को आसानी से देखा जा सकता है, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। चहारदीवारी को वांछित ऊंचाई तक बढ़ाने के लिए प्रक्रिया अविलंब शुरू की जानी चाहिए। यदि आवश्यक समझा जाता है और केंद्र सरकार द्वारा अनापत्ति प्रदान की जाती है, तो राज्य सरकार भी इस कार्य को कर सकती है। सीएम द्वारा माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त वर्णित लंबित/आवश्यक कार्यों को शीघ्र संपन्न कराने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया जाए।
December 20, 2020

19.12.2020 (पटना) : डीएम कुमार रवि ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं सभी अंचलाधिकारी को ठंड के प्रकोप को देखते हुए गरीब व्यक्तियों के लिए ठंड से सुरक्षा हेतु पर्याप्त जगहों पर अलाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इस कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश सभी अनुमंडल पदाधिकारी को दिया है। साथ ही सभी अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में जलाए गए अलाव के बारे में प्रतिदिन रिपोर्ट जिला आपदा शाखा में उपलब्ध कराने को कहा है। गरीब असहाय व्यक्तियों को ठंड से सुरक्षा प्रदान करने हेतु डीएम द्वारा कंबल वितरण का अभियान भी लगातार जारी है। पटना सदर प्रखंड के महावीर मंदिर, पटना जंक्शन स्टेशन, कारगिल चौक, आईजीआईएमएस, हनुमान मंदिर गर्दनीबाग, पीएमसीएच बच्चा वार्ड, रामगुलाम चौक, बिस्कोमान के पास, लंगर टोली चौराहा, काकिरावारा मस्जिद के पास हाई कोर्ट मजार के पास बांस घाट इनकम टैक्स गोलंबर आदि जगहों पर अलाव जलाए गए।
December 20, 2020

19.12.2020 (दरभंगा) : एम्स के निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरण को लेकर पहल शुरू हो गयी है। इसी कड़ी में 19 दिसंबर को डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम की अध्यक्षता में डीएमसीएच के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में चरणबद्ध तरीके से एम्स को जमीन हस्तांतरण को लेकर विचार विमर्श किया गया। एम्स के निर्माण के लिए 200 एकड़ जमीन का हस्तांतरण एम्स को किया जाना है। जिसमे सदर अंचल के 175 एकड़ एवं बहादुरपुर अंचल के 25 एकड़ जमीन शामिल है। डीएम ने बैठक में उपस्थित डीसीएलआर सदर मो0 सादुल हसन तथा अंचलाधिकारी सदर एवं अंचलाधिकारी बहादुरपुर को चिन्हित जमीन का समुचित रूप से सर्वे करने के निर्देश दिए। उक्त बैठक में यह बताया गया की एम्स के लिए चिह्नित जमीन में डीएमसीएच के ऐसे कई ऐसे भवन हैं जिन्हें हटाने की जरूरत होगी। डीएमसीएच के निर्माण के समय कुछ जमीन पीएचईडी को भी जलापूर्ति के लिए दी गई थी जिस पर कुछ निर्माण किए गए हैं इसके अतिरिक्त चिकित्सकों के क्वार्टर भी इस जमीन में सम्मिलित हैं। इन सभी भवनों को चिन्हित करते हुए अच्छी तरह से चिन्हित जमीन का सर्वे करने के निर्देश दिए गए, ताकि सा समय इन भवनों तथा इन निर्माणों को हटवाया जा सके।
बैठक में नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, डीएमसीएच के प्राचार्य डॉक्टर हर्ष नारायण झा, डीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर मणि भूषण शर्मा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, डीडीएम बीएमआईसीएल, डीसीएलआर सदर, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, अंचलाधिकारी सदर एवं अंचलाधिकारी बहादुरपुर आदि उपस्थित थे।
December 20, 2020

18.12.2020 (दरभंगा) : धान अधिप्राप्ति को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी बैठक से ऑनलाइन जुड़े रहे। डीएम श्री त्यागराजन ने दरभंगा में अब तक केवल एक हजार मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति होने को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की एवं उन्हें मधुबनी के साथ-साथ दरभंगा जिले की अधिप्राप्ति पर भी विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। समीक्षा के क्रम में कई प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि चावल मिलों का पैक्सों के साथ टैग नहीं होने के कारण भी पैक्स धान अधिप्राप्ति प्रारंभ नहीं कर रहे हैं।
डीएम ने इसके लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को तत्काल चावल मिलों को सभी पैक्सों से सम्बद्ध करने के निर्देश दिए और कहा की सभी मिलों का सत्यापन भी कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित भूमि सुधार उप समाहर्ता भी अपने अपने क्षेत्र के चावल मिलों का सत्यापन कर लें और सत्यापन के समय का वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करा लें, जिसे अभिलेख में संधारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे मामले संज्ञान में आ चुके हैं, की मील कार्यरत हैं ही नहीं और उसे मिलिंग के लिए शामिल कर लिया गया। उन्होंने प्रखंडवार प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की और जिन प्रखंडों में अभी भी धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं की गई है, वहां के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को चेतावनी देते हुए धान अधिप्राप्ति आज ही से शुरू कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने समीक्षा के क्रम में तारडीह के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से अब तक धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं कराने के लिए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को धान क्रय करने के 48 घंटे के अंदर संबंधित किसानों को भुगतान कर देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें किसी किसान से धान के लिए भुगतान न होने की जानकारी मिलेगी, तो संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। जाले के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने पैक्सों के पास बोरा न होने की बात कही। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम अभिनव भास्कर ने बताया कि बाजार समिति के बाहर बोरा मिलता है, संबंधित किसान को इसकी जानकारी दी जाए कि बोरा क्रय कर धान उपलब्ध करावें। उल्लेखनीय है कि बोरा की राशि का समायोजन पैक्स द्वारा किया जाता है। हायाघाट के प्रखंड के पतौर में धान अधिप्राप्ति नहीं होने के संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि पतौर में बाढ़ आने के कारण धान की पैदावार नहीं हुई है।
सदर प्रखंड के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा दुलारपुर के लिए धान की पैदावार शून्य बताया गया है, लेकिन एक किसान ने अपनी ऊंची जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर धान की पैदावार की है। डीएम ने कहा कि कारण अंकित करते हुए धान अधिप्राप्ति कर ली जाए। कृषि विभाग का प्रतिवेदन को अंतिम प्रतिवेदन नहीं माना जा सकता है। उन्होंने ऑनलाइन बैठक में उपस्थित सभी अंचलाधिकारी को किसान के रसीद को अद्यतन करने में विलंब न करने के निर्देश दिए तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को धान अधिप्राप्ति की नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी को प्रत्येक 02 दिन पर धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
December 06, 2020

06.12.2020 (दरभंगा) : सांसद गोपाल जी ठाकुर ने अपने आवासीय कार्यालय पर ग्रामीण कार्य विभाग(आरईओ) के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) के तहत फेज टू के कार्यों की समीक्षा की गई। सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि इस बैठक में पीएमजीएसवाई फेज टू के तहत प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों से अवगत होते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने पीएमजीएसवाई फेज थ्री के चयन हेतु अधिकारियों दिशा-निर्देश देते हुए कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को जोड़ने के लिए कहा, ताकि लाखों लोगों को सुविधाजनक यातायात की सेवा का लाभ मिले और आम लोग लाभान्वित हो सके। उन्होंने अधिकारियों से पीएमजीएसवाई फेज थ्री के तहत चिन्हित सड़कों एवं पुलों के सूची को अंतिम रूप देने से पूर्व अवगत कराने हेतु निर्देशित किया ताकि अत्यधिक सघन आबादी होकर गुजरने वाली लम्बी सड़कें इससे वंचित ना हो।
उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई का पूरा-पूरा लाभ दरभंगा वासियों को मिले इसके लिए प्रखंड स्तर पर अधिकारियों एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की बात कही। सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दरभंगा व मिथिला सहित सम्पूर्ण देश का सर्वांगीण विकास हो रहा है, जिससे 130 करोड़ देशवासी लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है।
सांसद ने कहा मिथिला के केंद्र दरभंगा को एम्स, एयरपोर्ट, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, आरओबी, रेलवे दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण, आईटी पार्क आदि की सौगात मिथिलावासियों को मिला हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनेगा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में आत्मनिर्भर मिथिला सहायक सिद्ध होगा। इस बैठक में सांसद के साथ ग्रामीण कार्य विभाग, दरभंगा के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता दरभंगा-1, कार्यपालक अभियंता-2, कार्यपालक अभियंता बेनीपुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।