April 30, 2021

30.04.2021 (दरभंगा) : कोरोना (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (परीक्षा भवन) के टेली मेडिसिन सेन्टर में एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारी को कई निर्देश दिए तथा डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर की व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारी को पालीवार रोस्टर बनाकर कार्य करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ एवं ए.एन.एम की उपस्थिति शत-प्रतिशत होनी चाहिए। साथ ही डीएम द्वारा सिविल सर्जन को वहाँ प्रतिनियुक्त कर्मियों के अलावे प्रशिक्षित जी.एन.एम., ए.एन.एम., पारा मेडिकल स्टाफ की संख्या और बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि दवा की कोई कमी नहीं होनी चाहिए, मरीज के लिये ऑक्सीजन की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में मॉडरेट कोरोना मरीज को ही भर्ती करना है तथा गंभीर (सिभियर) मरीज को डी.एम.सी.एच में बने कोरोना वार्ड में या किसी निजी अस्पताल जहाँ बेहतर व्यवस्था हो, वहाँ रेफर करना है। अभी वर्तमान में डेडीकेटेड कोविड कोविड हेल्थ सेंटर में 13 मरीज भर्ती हैं। दरभंगा शहरी क्षेत्र के 16 प्रमुख निजी अस्पतालों को अपने सामान्य, आई.सी.यू. एवं भेंटीलेटर युक्त वार्ड में कुल बेडों में से 50 प्रतिशत् बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित रखने तथा उन्हें अलग कर प्रॉटोकॉल के अनुसार कोरोना वार्ड बनाने के निर्देश दिये गये हैं तथा इसकी निगरानी के लिए अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी की अध्यक्षता में 09 सदस्यीय प्राईवेट हॉस्पिटल निगरानी कोषांग बनाया गया है, जो प्रतिदिन उन बेडों का हिसाब ले रही है तथा सभी हॉस्पिटलों में कोरोना संक्रमितों के ईलाज की निगरानी एवं अनुश्रवण कर रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा भी कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज करने से संबंधित गाइडलाइन जारी किया गया है। जिनमें मॉडरेट कोरोना मरीज जिनका SOP2 - 90% से अधिक है, उन्हें डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर या कोविड केयर सेंटर में रखने तथा जो माईल्ड कोरोना मरीज हैं, जिनका SOP2 - 94% से अधिक है, उन्हें होम आइसोलेशन में रखने का निर्देश दिया गया है। जिनका SOP2 - 90% से कम हो जाता है, उन्हें ही डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में रखने का निर्देश दिया गया है। डीएम द्वारा सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी को अपने-अपने पाली में ड्यूटी पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
April 30, 2021

29.04.2021 (दरभंगा) : कोरोना (कोविड-19) की दूसरी लहर से आम जन जीवन प्रभावित है। दरभंगा जिला अंतर्गत ऐसी अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही है कि कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान इस आपदा की स्थिति में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। विभिन्न अनिवार्य वस्तु की कीमत भी बढ़ाकर लेने की शिकायत मिल रही है। इसके आलोक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, बेनीपुर, बिरौल, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को आदेश दिया है कि अपने अपने क्षेत्र में इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी के विरूद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द की जाए। सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी को भी अपने स्तर से अपने क्षेत्र में पर्यवेक्षण एवं समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि यह जनहित से सीधा जुड़ा हुआ विषय है, सभी संबंधित पदाधिकारी सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपने भ्रमण के दैनिक प्रतिवेदन अनुमंडल पदाधिकारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भेजना सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर जिला आपूर्ति कार्यालय में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण कोषांग गठित किया गया है, जिसके दूरभाष संख्या-06272-245374 पर शिकायत प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा को इसका दैनिक अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है।
April 30, 2021

29.04.2021 (दरभंगा) : कोरोना महामारी की दूसरी लहर में तेजी से फैल रहे कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए 28 अप्रैल 2021 को गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार सरकार द्वारा जारी निर्देश को दरभंगा जिला में शत्-प्रतिशत् लागू कराने को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में अम्बेदकर सभागार में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में डीएम ने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें 04 बजे शाम से ही बन्द रहेंगी। इसके लिए उन्होंने सभी पदाधिकारियों को 04 बजे से दरभंगा की सड़कों पर उतरने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि सप्ताह में 03 दिन गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बन्द रखने का पूर्व आदेश यथावत् जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा जिले में फल और सब्जी की दुकानें भी 06 बजे शाम से बन्द रहेंगी। रात्रि कर्फ्यू शाम 06 बजे से सबुह 06 बजे तक लागू रहेगी। शादी-विवाह समारोह में अब शामिल होनेवालों की संख्या 100 से घटाकर अधिकतम 50 व्यक्ति कर दिया गया है तथा अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों की संख्या घटाकर अधिकतम 20 व्यक्ति निर्धारित की गयी है। शादी-विवाह समारोह में डी.जे. बजाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। विवाह समारोह के लिए रात्रि कर्फ्यू रात्रि 10 बजे से प्रभावी होगी।
रेस्टोरेंट से टेक होम सेवा रात्रि 09 बजे तक ही अनुमान्य रहेगा। कोरोना मरीजों के वैसे शव, जिसे परिजन नहीं ले जाते हैं, उनका अंतिम संस्कार का व्यय राज्य सरकार उठायेगी। डीएम ने वैसे शवों का विधिवत् अंतिम संस्कार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उचित स्थल चिन्ह्ति कर ली जाए तथा आवश्यक मजदूर, लकड़ी इत्यादि की व्यवस्था कर ली जाए। लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार माइकिंग कराने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि वैसे प्रखण्ड जहाँ पंचायतों की संख्या 20 से अधिक है, वहाँ 04 प्रचार वाहन तथा जहाँ 20 से कम पंचायत है, वहाँ 03 प्रचार वाहन से प्रचार कराया जाए तथा लोगों को यह भी अवगत कराया जाए कि उनके प्रखण्ड में कितने गाँव और कितने लोग प्रभावित हो चुके हैं।
उन्होंने नगर आयुक्त को नगर निगम क्षेत्र में प्रचार कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जारी नए निर्देश का सख्ती से अनुपालन कराने को कहा तथा कोरोना प्रभावित गाँवों में अधिक से अधिक कोरोना टेस्टिंग कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा को आवश्यक वस्तुओं की किमतों पर निगरानी रखने हेतु जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिये और उसका दूरभाष नम्बर जारी करने को कहा। जिस पर किसी भी व्यक्ति के द्वारा अधिक कीमत लेने की शिकायत की जा सके और अगर ऐसी सूचना कहीं से मिलती है, तो तुरंत संबंधित दुकानदार के विरूद्ध कार्रवाई की जाए।
April 25, 2021

24.04.2021 (DarbhangaOnline Bureau) :- अपराधिकी अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारत (CRDO INDIA) द्वारा Emotional Intelligence : Concepts & It's Development In The Contemporary Indian Police System (भावनात्मक बुद्धिमत्ता: इसकी अवधारणा और समकालीन भारतीय पुलिस प्रणाली में इसके विकास) विषय पर वेबिनार का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषभ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य भारतीय पुलिस प्रणाली में भावनात्मक बुद्धिमत्ता को जागृत करना था।
उक्त वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के चर्चित आईपीएस मनोज कुमार ( सुपौल एसपी ) ने इस विषय पर विस्तार से अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया की समाज के लोगो में पुलिस के प्रति नकारात्मक छवि बनी हुई है। पुलिस का जीवन संघर्षो से भरा रहता है तथा उनके कंधे पर समाज से जुड़ी कई महत्पूर्ण जिम्मेदारी रहती है। कई बार पुलिस मानसिक तनाव में आकर कुछ ऐसा कर जाते है जिनसे उनकी छवि को काफी नुक्सान उठाना पड़ जाता है। श्री कुमार ने बताया की इमोशनल इंटेलिजेंस जैसे विषय को पुलिस प्रशिक्षण में शामिल कर भावनातक तथा संवेदनशील पुलिस कि स्थापना कि जा सकती है तथा समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण दिए भी जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज पुरे भारत में बिहार कि महिला पुलिस का प्रदर्शन पहले स्थान पर है। इनकी कुल संख्या बिहार में 22% है। गौरतलब है की आईपीएस मनोज कुमार ने भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर आदि जगहों पर बतौर एसएसपी के रूप में कार्य किया है।
उक्त वेबिनार में सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा और आपराधिक न्याय विश्वविद्यालय, जोधपुर के मनोविज्ञान संकाय के अस्सिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० अभिषेक शर्मा ने बताया कि हम कैसे पुलिस प्रणाली को इमोशनल इंटेलिजेंस के माध्यम से बेहतर तथा कई महत्पूर्ण बदलाव ला सकते है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ लोगो में पुलिस के प्रति नकारात्मक छवि बनी हुई है वहीँ आज लोगो में इस कोरोना जैसे महामारी के दौर में पुलिस के प्रति सकारात्मक विचार देखने को मिल रहे है। समाज को कोरोना जैसे महामारी से बचाने के लिए पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों को लोगो ने सराहा है उनकी प्रसंशा कि है। जिस तरह से पुलिस अपने जीवन को दाव पर लगाकर लोगो को सुरक्षा मुहैया करने में जुटी है जिसका कई लोगो ने जोरदार समर्थन भी किया है।
इस वेबिनार का संचालन (CRDO INDIA) के राष्ट्रीय सचिव यशवंत नारायण ने किया तथा आयोजन डॉ. के. एन. मोदी विश्वविद्यालय, राजस्थान के सहयोग से सम्पंन हुआ। वेबिनार में देश विदेश से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा समापन (CRDO INDIA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषभ श्रीवास्तव के उद्वोधन से किया गया। उक्त मौके पर संस्था के उप सचिव प्रतीक्षित तिवारी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार सिन्हा, तथा अन्य माननीय सदसयगण शामिल हुए।
April 25, 2021

24.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से कोरोना के लिए जारी ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल का अनुपालन करने को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाईन बैठक की। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अतिरिक्त एम्बुलेंस रख लेने के सख्त निर्देश दिये और कहा कि यदि कहीं से भी एम्बुलेंस की माँग की जाती है और कोरोना मरीज को ससमय एम्बुलेंस नहीं मिलता है, तो संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बी.एच.एम. संयुक्त रूप से जिम्मेवार माने जाएगें और एम्बुलेंस न मिलने के कारण यदि किसी रोगी की मृत्यु होती है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा - 51 से 60 एवं आई.पी.सी. की धारा - 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रखण्ड स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं कोविड केयर सेन्टर चलाने की जवाबदेही प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की होगी। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी इसके लिए टीम का गठन कर लें। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल के अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में दवा रहनी चाहिए। किसी भी मरीज का पैथोलॉजी जाँच अस्पातल में होगी, यदि बाहर करायी जाती है, तो अस्पताल के द्वारा करायी जाएगी और उसका भुगतान भी अस्पताल के द्वारा किया जाएगा।
प्रखण्ड स्तर पर क्वरंटाईन सेन्टर को दुरुस्त कर लिया जाए। कंटेनमेन्ट जोन में लगातार भ्रमण की जाए तथा वहाँ की सभी लोगों की टेस्टिंग करायी जाए। जो लोग होम आइसोलेशन में है, उनका सतत् निगरानी किया जाए। एम्बुलेंस में मास्क, ग्ल्बस्, पी.पी.ई. किट्स तथा ऑक्सीजन एवं 01 प्रशिक्षित व्यक्ति रहेंगा, जो आवश्यकता पड़ने पर मरीज को ऑक्सीजन दे सके। उन्होंने सिविल सर्जन को माननीय जनप्रतिनिधि की शिकायत के आलोक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बदलने के निर्देश दिये। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डी.पी.एम. हेल्थ विशाल कुमार व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।